नांदा की रामलीला में आज दिखा रोमांच से भरा दृश्य, मेघनाद ने किया हनुमान को बंधक, पूंछ में लगी आग से धधक उठी लंका
रिपोर्ट श्याम आर्य
भीमपुर विकासखंड के ग्राम नांदा में 48 वर्षों से चली आ रही ऐतिहासिक रामलीला में आज के दिन लंका दहन और अंगद-रावण संवाद की लीला का भव्य और रोमांचक मंचन किया गया।
हनुमान जब अशोकवाटिका पहुंचे तो उनके द्वारा सिता जी की खबर लगा कर जब सिता जी के पास पंहुचा तो उनको अपना परिचय देते हुवे बताया की वे श्री राम के परंभक्त हनुमान है अशोकवाटिका मे फलो को देखकर हनुमान का दिल मचला गया की वो इस फलो को खाने की इच्छा जाहिर की जब हनुमान जी फल खाने लगे तो तो वहां मौजूद रक्षस समूह द्वारा हनुमान से युद्ध करने लगे जिसपर हनुमान जी द्वारा रक्षसो की बहुत ही पिटाई की गई
मेघनाद ने हनुमान को बनाया बंधक –
आज की लीला की शुरुआत अशोक वाटिका प्रसंग से हुई। अशोक वाटिका को उजाड़ने के बाद जब हनुमान जी को रोकने के लिए रावण के पुत्र मेघनाद को भेजा गया, तो मेघनाद ने ब्रह्मास्त्र का प्रयोग कर हनुमान जी को बंधक बना लिया और उन्हें बांध कर लंका के राजदरबार में लेकर पहुंचा।
पूंछ में आग लगाते ही भड़के बजरंगबली
राजदरबार में रावण ने हनुमान जी की पूंछ में आग लगाने का आदेश दिया। राक्षसों ने हनुमान जी की पूंछ में कपड़ा लपेट कर आग लगा दी। आग लगते ही बजरंगबली ने विशाल रूप धारण कर लिया और पूरी लंका में कूद-कूद कर आग लगा दी। देखते ही देखते सोने की लंका धू-धू कर जलने लगी। इस दृश्य को देख पंडाल में बैठे हजारों दर्शकों ने जय श्रीराम और जय बजरंगबली के जोरदार जयकारे लगाए।
अंगद ने दिया रावण को ज्ञान
लंका दहन के बाद अंगद के लंका जाने की लीला दिखाई गई। दूत बनकर पहुंचे अंगद ने रावण की भरी सभा में उसे श्रीराम के नाम की महिमा और धर्म के मार्ग पर चलने का उपदेश दिया। अंगद-रावण संवाद की दमदार प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया।
गौरतलब है कि नांदा की यह रामलीला 48 वर्षों से गांव के नवयुवकों द्वारा निरंतर की जा रही है, जो क्षेत्र में आस्था और संस्कृति का प्रतीक बन चुकी है।
पात्रगन
छोटेराम यादव ओमप्रकाश यादव गौतम यादव अंकेश यादव कुलदीप यादव पीयूष यादव आदित्य यादव प्रभुदयाल यादव प्रदीप यादव जितेन्द्र यादव गौरव सरनेकर आदि पात्रगन
समिति सदस्य दुर्गाप्रसाद यादव रामकरण यादव नंदकिशोर सरनेकर काशीप्रसाद सुनील यादव सुरेश यादव








